Motivational Stories

Be logical, Don't follow anything blindly

Personality Development Services in Jaipur, Personality Development Classes in Jaipur, Personality Development Institute in Jaipur

एक दिन मैं बीकानेर रेल्वे स्टेशन पर खड़ा ट्रेन का इंतजार कर रहा था
जिस ट्रेन का इंतज़ार कर रहा था उसमें आरक्षण का कोई सिस्टम नहीं था

Pragya Institute of Personality Development Presents Motivational, Moral & Inspirational Stories for You – That Can Change Your Life (Pioneer of Comprehensive Personality Development Institute in Jaipur) (Best Personality Development Classes in Jaipur)
प्लेटफ़ॉर्म पर बेहद भीड़ थी,यह बात भी स्पष्ट थी कि जगह उसी को मिलेगी जो भीड़ को पछाड़ कर सबसे पहले ट्रेन में चढ़ेगा
तभी घोषणा हुई..... 
जयपुर जाने वाली गाड़ी 40 मिनट की देरी से प्लेटफार्म नम्बर 1 पर आएगी|” 
इस घोषणा के बाद सभी यात्री आराम से बैठ गए एंव कुछ व्यक्ति नींद की मीठी मीठी झपकियाँ भी लेने लग गए। 
अचानक एक व्यक्ति उठकर पश्चिम की तरफ आगे बढ़ा जहाँ से ट्रेन आने वाली थी
तभी कुर्सी पर बैठे एक व्यक्ति ने अपने पास बैठे मित्र से कहादेखो वह व्यक्ति आगे गया है, शायद ट्रेन गयी जल्दी चलो नहीं तो जगह नहीं मिलेगी|”
ऐसा कहकर वह दोनों व्यक्ति आगे की तरफ भागे जहाँ पर ट्रेन आकर रूकती है
उन दोनों व्यक्तियों को भागते हुए देख, आराम से बैठी भीड़ में हलचल हुयी तथा भीड़ भी उठकर आगे की तरफ चली गयी जहाँ ट्रेन ने आकर रूकना था। 
भीड़ को दौड़ता देखकर मैं भी आगे बढ़ गया
आगे जाकर पता चला, ट्रेन नहीं आयी है | सबसे पहले जो व्यक्ति आगे की तरफ गया था वो तो ऐसे ही टहल रहा था |
उस दिन मुझे यह बात समझ में आई कि,.........
*“
यदि अधिकतर व्यक्ति एक ही दिशा में जा रहे है तो जरूरी नहीं कि वे सही दिशा में ही आगे बढ़ रहे हैं।”*
उस दिन मुझे अपनी सोचने एवं निर्णय क्षमता पर संशय हुआ क्योंकि जब सब आगे तरफ जा रहे थे तब मैं भीड़ के साथ साथ आगे भागा और मैंने एक पल के लिए भी इस बात पर गौर नहीं किया कि अभी अभी रेलवे ने यह घोषणा की थी कि, ट्रेन 40 मिनट बाद आएगी |
मित्रों! आज हमारी समस्याओं का एक कारण यह भी है कि.......
*
हम स्वतंत्र रूप से नहीं सोचते एंव अपना निर्णय दूसरे व्यक्तियों द्वारा लिए गए निर्णयों के आधार पर ले लेते हैं।*
कोई विद्यार्थी अपने कैरियर के बारे में अपना निर्णय इस आधार पर लेता है कि उसके मित्रों ने कौन सा क्षेत्र चुना है अथवा उसके परिवार का सदस्य पहले से उस क्षेत्र में है या नहीं | जबकि विद्यार्थी को निर्णय स्वतंत्र रूप से एवं अपनी रुचि के आधार पर लेना चाहिए
जिस तरह प्रत्येक व्यक्ति का स्वभाव एवं जीवन की परिस्थितियां अलग अलग होती है उसी तरह एक ही प्रकार का निर्णय सभी व्यक्तियों के लिए सही नहीं हो सकता |
कभी अनजाने में हम किसी पर विश्वास कर बैठते हैं और उससे हमें धोखा मिलता है तो इसका मतलब यह नहीं कि हमें सभी से धोखा ही मिलेगा हम किसी पर विश्वास ही करें।
समाज में अन्धविश्वाश एंव कुप्रथाओं (जैसे दहेज़ प्रथा, बेटी के जन्म को अपशगुन मानना आदि) का चलन भी इसी कारण होता है कि व्यक्ति स्वतंत्र रूप से नहीं सोचता एंव अपना निर्णय इस आधार पर लेता की समाज में क्या प्रचलित है कि इस आधार पर कि क्या सही है और क्या गलत?
ज्यादातर बुरी आदतों की शुरुआत भी स्वतंत्र सोच के अभाव के कारण होती है और व्यक्ति इसीलिए बुरी आदतों के जाल में फंस जाता है क्योंकि उसके मित्र या सम्बन्धी भी इन आदतों के शिकार होते हैं। 
*“
भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भीड़ हमेशा सही रास्ते पर चलती है|”* 
हमें स्वंय को जगाना होगा, अपने सपनों को जगाना होगा,अपने मन को स्वतंत्र बनाना होगा, अपने निर्णय स्वंय लेने होंगें क्योंकि..........
*“
हम से बेहतर हमें कोई नहीं जानता।”*
आईये आज की सुहानी सुबह का शुभारम्भ करें अपने शरीर के साथ अपने मन अपनी भावनाओं अपने स्वप्नों को जगाते हुए....

 Pragya Institute Of Personality Development - Best Personality Development Classes in Jaipur - Friendly Environment, 14+ Years Experienced Faculty, Awarded Trainer, Excellent Course Content, Best Motivational Speaker – Saurabh Jain, Completely Activity Based Workshop. A move Toward Positive Change. For more details click on:

http://www.pragyapersonalitydevelopment.com/home/contact

Add Story*
*If you have any motivation story and would like to share with us. We will publish it with your name.

Post a Comment

NEWSLETTER

SUBSCRIBE IN OUR NEWSLETTER

X